यादो में तेरी तन्हा बैठे हैं, तेरे बिना लबों की हसी गावा बैठे हैं.

यादो में तेरी तन्हा बैठे हैं, तेरे बिना लबों की हसी गावा बैठे हैं.

 

यादो में तेरी तन्हा बैठे हैं, तेरे बिना लबों की हसी गावा बैठे हैं.
तेरी दुनिया में अंधेरा ना हो, इसलिए खुद का दिल जला बैठे हैं.


टूटकर भी कमबख्त धड़कता रहता है,
मैंने दुनिया में दिल सा कोई वफादार नहीं देखा.

मुझे डर ये नहीं कि मैं भुला पाया नहीं उसको,
मुझे डर ये है वो मुझको हमेशा याद रखती है.यादो में तेरी तन्हा बैठे हैं


तू मिट्टी में भी मिला दे तो तुजसे जुदा हो नहीं सकता,
अब इस से ज़्यादा मैं तेरा हो नहीं सकता.


तेरी बेरुखी को भी रुतबा दिया हमने,
प्यार का हर फ़र्ज़ अदा किया हमने,
मत सोच कि हम भूल गए हैं तुझे,
आज भी खुदा से पहले तुझे याद किया हमने

साबित नहीं होती मोहब्बत एक दुसरे को मिलने पर,
सब निर्भर करता है जाते वक़्त उसके मुड्कर देखने पर


उसने रात के अँधेरे में मेरी हथेली पे नाजुक सी ऊँगली से लिखा
मुझे प्यार है तुझसे, जाने कैसी स्याही थी वो लफ्ज मिटे भी नही और आज तक दिखे भी नही.

प्यार का हर फ़र्ज़ अदा किया हमने,
मत सोच कि हम भूल गए हैं तुझे,
आज भी खुदा से पहले तुझे याद किया हमने

साबित नहीं होती मोहब्बत एक दुसरे को मिलने पर,
सब निर्भर करता है जाते वक़्त उसके मुड्कर देखने पर