किस्मत ने जैसा चाहा वैसे ढल गये हम, बहुत संभल के चले

किस्मत ने जैसा चाहा वैसे ढल गये हम, बहुत संभल के चले

किस्मत ने जैसा चाहा वैसे ढल गये हम, बहुत संभल के चले

फिर भी फिसल गये हम, किसी ने विश्वास तोड़ा

तो किसी ने दिल, और लोगों को लगा की बदल गये हम…

We were able to adjust the way fate wanted,

Still we slipped,

someone broke the trust So someone thought that

we have changed my heart and people…

माफी मांगने से कभी यह साबीत नहीं होता कि हम गलत और वो सही है..

माफी का असली मतलब है कि हममे रिश्ता निभाने की काबिलीयत उससे ज्यादा है

Apologizing never proves that we are wrong and he is right .. The real meaning of forgiveness is that we have more ability to maintain a relationship

मुझे नहीं पता कि मैं एक बेहतर दोस्त हूँ या नही लेकिन

मुझे पूरा यकीन है कि जिनके साथ मेरी दोस्ती है….

वे बहुत बेहतरीन हैं बनाने वाले ने दिल काँच का बनाया होता. –

किस्मत ने जैसा चाहा वैसे ढल गये हम, बहुत संभल के चले

I don’t know if i am a better friend or not I am sure that with whom I have friendship ….

They are very good, the builder would have made heart glass. –

तोड़ने वाले के हाथ में जखम तो आया होता.

जब बी देखता वो अपने हाथों को। –

उसे हमारा ख़याल तो आया होता!

The breaker would have got the injury. When B sees his hands. – He would have thought of us!

बहुत सुन्दर सन्देश… पत्थर तब तक सलामत है जब तक वो पर्वत से जुड़ा है.

पत्ता तब तक सलामत है जब तक वो पेड़ से जुड़ा है.

इंसान तब तक सलामत है जब तक वो परिवार से जुड़ा है.

क्योंकि,

परिवार से अलग होकर आज़ादी तो मिल जाती है लेकिन संस्कार चले जाते हैं.

Very beautiful message … The stone is safe as long as it is connected to the mountain. The leaf is safe as long as it is attached to the tree. Man is safe as long as he is connected with the family.